अटल जी ने देश को परमाणु संपन्न शक्ति बनाया और आज प्रधानमन्त्री मोदी उनकी सोच को आगे बढ़ाते हुए देश को विश्व-गुरु व विश्व-शक्ति बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत्त हैं: अश्वनी शर्मा

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आज जहाँ सारा देश भारत-रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 97वीं जयंती पर उन्हें नमन कर रहा है, वहीँ इसी कड़ी में प्रदेश भाजपा मुख्यालय चंडीगढ़ में भारतीय जनता पार्टी, पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने भी अटल जी को याद कर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। उनके साथ प्रदेश भाजपा महासचिव जीवन गुप्ता, राजेश बागा, प्रदेश भाजपा मीडिया सचिव जनार्दन शर्मा ने भी अटल जी को पुष्पांजली अर्पित की।

अश्वनी शर्मा ने इस अवसर पर अटल जी के जीवन पर प्रकाश डालते बताया कि अटल जी तीन बार देश के प्रधानमंत्री होने के अलावा हिंदी कविपत्रकार और प्रखर वक्ता भी रहे। वह जनसंघ के संस्थापकों में से एक थे और 1968 से 1973 तक उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे। उन्होंने अपनी शिक्षा ग्वालियर के विक्टोरिया कॉलेज से ली, जिसे अब लक्ष्मीबाई कॉलेज के नाम से जाना जाता है। उनका राजनीतिक करियर भी किसी रोलर कोस्टर से कम नहीं रहा। अटल जी वर्ष 1952 में पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ा। तीन बार प्रधानमंत्री का पद संभालने वाले अटल सबसे पहले साल 1996 में पीएम बने। इसके बाद उन्होंने साल 1998 में प्रधानमंत्री पद संभाला। इसके बाद उन्होंने साल 1999 में इस पद को एक बार फिर संभाला और इस बार 13 दलों की गठबंधन सरकार का नेतृत्व करते हुए वाजपेई जी ने अपने कार्यकाल के पांच साल पूरे किए। अटल जी ने विश्व की महाशक्तियों की परवाह किए बिना भारत को परमाणु पावर से संपन्न देश बनाया। अटल जी को पक्ष ही नहीं बल्कि विपक्ष भी बहुत सम्मान देता था और उनकी कही बात को हर कोई बहुत गंभीरता से सुनता और उस पर अमल करता था। सारा राष्ट्र उनकी देश के लिए की गई समृद्ध सेवा को कभी भुला नहीं सकता। अटल जी सदा ही हम सभी के लिए प्रेरणा-स्त्रोत बने रहे और रहेंगे। उन्होंने भारत को मजबूत और विकसित बनाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उनकी विकास पहल ने लाखों भारतीयों को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया। आज प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी अटल जी की सोच को आगे बढ़ाते हुए देश को विश्व-गुरु व विश्व-शक्ति बनाने की निरंतर अग्रसर हैं।