अल्पसंख्यकों को जुल्म ढा रहा पाकिस्तान, करतारपुर घटनाक्रम में आईएसआई का हाथ होने का अंदेशा : अश्वनी शर्मा

whatsapp-image-2020-11-04-at-7-11-03-pmभारतीय जनता पार्टी पनजब प्रदेश के अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा कमेटी को विभाजित करने के पाकिस्तान सरकार के फैसले, जिसमें गुरुद्वारा दरबार साहिब, करतारपुर (पाकिस्तान) को चलाने और उसके प्रबंधन का जिम्मा पाकिस्तान इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड को सौंप दिया है, पर कड़ा रुख अपनाते हुए सख्त शब्दों में निंदा की है। अश्वनी शर्मा ने कहाकि पाकिस्तान के फैसले से ऐतिहासिक सिख गुरुद्वारा का इस्तेमाल उसके नापाक इरादों के लिए किये जाने का मकसद साफ़ हो गया है। उन्होंने कहाकि इससे न केवल पंजाबी भाईचारे की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है, बल्कि इसके पीछे पाकिस्तान की मंशा भी साफ़ हो गई है, क्योंकि पाकिस्तानी सेना गुरुद्वारे के प्रबंधन पर हमेशा से ही नजर गढ़ाए हुए थी।

उन्होंने कहाकि नई प्रबंधन समिति में किसी भी सिख का न होना गंभीर चिंता का विषय है। यह बहुत ही निंदनीय है कि गुरुद्वारे को चलाने के लिए गठित नई प्रबंधन समिति में सिख समुदाय से कोई सदस्य नहीं लिया गया है और उन्हें मुस्लिमों द्वारा चलाने की बात कही गई है। उन्होंने कहाकि गुरुद्वारा प्रबंधन से सिखों को हटाने के पीछे आईएसआई का गेमप्लेन हो सकता है। उन्होंने कहा, यह सिख भावनाओं का अपमान है और स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करता है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के लिए कोई सम्मान नहीं है। पाकिस्तान के इस तरह के कार्यों से सिख समुदाय सहित अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों, कल्याण, संरक्षण और सुरक्षा के बड़े-बड़े दावों का पर्दाफाश हो गया है।

पाकिस्तान में अल्पसंख्यक लगातार भेदभाव और उत्पीड़न का सामना करते आ रहे हैं।अश्वनी शर्मा ने कहाकि पाकिस्तान में नाबालिगों सहित सिख लड़कियों के 55 से अधिक अपहरण व् जबरन धर्म परिवर्तन के मामले पिछले कुछ महीनों में सामने आ चुके हैं। हाल ही में ननकाना साहिब की ग्रन्थि की बेटी जगजीत कौर और गुरुद्वारा श्री पंजा साहिब के ग्रन्थि की बेटी बुलबुल कौर का अपहरण कर लिया गया और उनका इस्लाम में जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया।