आज किसान संगठनों के प्रतिनिधियों की 5वें दौर की बैठक काफी अच्छे माहौल में सम्पन्न हुई। कुछ विषयों पर पुनः 9 दिसंबर को बैठक होगी।

collage-10
किसानों की सभी शंकाओं का समाधान किया जाएगा। इसके लिए संगठनों से आग्रह किया गया है कि उनके जो भी बिंदु या सुझाव हैं, वे एक-दो दिन में दे दें। मैंने सभी किसान भाइयों से आग्रह किया कि वे इस आंदोलन को खत्म करें व बुजुर्गों-बच्चों को तुरंत घर भेजने की अपील भी की, ताकि सर्दी व कोविड के चलते उन्हें परेशानी न हो।
मैंने किसानों को कहा कि एमएसपी जारी रहेगी, इस पर कोई खतरा नहीं है, इसलिए किसी प्रकार की शंका करना बेबुनियाद है, फिर भी किसी के मन में कोई शंका है तो सरकार समाधान करने को पूरी तरह तैयार है। एपीएमसी राज्य का विषय है, केंद्र सरकार राज्यों की मंडियों को किसी भी प्रकार से प्रभावित नहीं करेगी। एपीएमसी के बारे में भी कोई गलतफहमी हो तो उसका समाधान करने को केंद्र सरकार पूरी तरह तत्पर है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध थी, है और रहेगी। मोदी जी के 6 साल के कार्यकाल में आमूलचूल परिवर्तन किया गया है, जिससे किसानों की आय बढ़ी है, किसान हितैषी योजनाएं बढ़ी हैं, कृषि एवं किसान कल्याण का बजट बढ़ा है, किसानों की कृषि उपज की सरकारी खरीद बढ़ी है। किसान महंगी फसलों की ओर आकर्षित हो सके व उनकी समृद्धता बढ़े, इस दिशा में ऐतिहासिक काम किया गया है।