कांग्रेस का इतिहास धर्म और जाति के नाम पर लोगों का लड़वाने तथा देश विभाजित करने वाला: डॉ. सुभाष शर्मा

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भारतीय जनता पार्टी, पंजाब के प्रदेश महासचिव डॉ. सुभाष शर्मा ने हरीश रावत तथा पंजाब के उप-मुख्यमंरी सुखजिंदर सिंह रंधावा द्वारा भाजपा को फिरकापरस्त पार्टी बताए जाने के ब्यान पर कड़ा संज्ञान लेते हुए दोनों कांग्रेसी नेताओं को कांग्रेस का पिछला इतिहास खोल कर उसे खुली आँखों से अच्छी तरह पढ़ने की नसीहत देते हुए कहा कि भाजपा को फिरकापरस्त पार्टी बताने वाले पहले खुद की कांग्रेस पार्टी का इतिहास अच्छी तरह पलट कर पढ़े, ताकि उन्हें पता चले कि धर्म के आधार पर भारत का विभाजन करने वाली कांग्रेस पार्टी थी ना कि भाजपा। कांग्रेस के हाथ आज तक कितने मासूम, निहत्थे व निर्दोष लोगों के खून से रंगें हैं? इसकी गिनती भी कर पाना ना सिर्फ मुश्किल है बल्कि नामुमकिन है। आप किस मुँह से धर्मनिरपेक्षता भी बात करते हैं? देश में अगर कोई फिरकू पार्टी है तो वह कांग्रेस पार्टी है।

डॉ. सुभाष शर्मा ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा कांग्रेस से अलग होकर नई पार्टी बनाए जाने तथा भाजपा से गठबंधन की बात करने के ऐलान के बाद कांग्रेस में पंजाब से लेकर दिल्ली तक भूचाल आ गया है, जिसका सबूत रावत की अपनी कुर्सी गिरना है। शर्मा ने रावत तथा रंधावा को कहा कि इतिहास उठा कर पढ़ लो कि देश में जितने दंगे भी दंगें हुए हैं उसके पीछे कांग्रेस या उनकी सरकारों या फिर उनके नेताओं का हाथ सामने आएगा। पंजाब की जनता कांग्रेस तथा उनके नेताओं के कार्यों व करतूतों से भली-भांति जानकार हैं। पंजाब में 1984 में सभी के पूजनीय व पावन श्री हरिमंदिर साहिब जी पर किसने हमला करवाया और कौन-कौन इसके पीछे थे, यह सभी जानते हैं? 1984 में दिल्ली व देश के कई हिस्सों में हमरे सिख भाइयों को कितनी बेरहमी से मारा गया यानि कि नस्लकुशी किस पार्टी ने की और इसके पीछे भी किसका हाथ था, यह भी सभी जानते हैं? इतना ही नहीं इस सिख नस्लकुशी में मृतकों के परिवार इन्साफ के लिए 35 वर्षों तक अदालतों के चक्कर काटते रहे और उस नस्लकुशी के आरोपी कांग्रेसी नेता क्यूँ और कैसे खुलेआम घूमते रहे, यह भी सभी पंजाब वासी जानते हैं। इतना सब कुछ करने वाले यह कांग्रेसी नेता किस मुँह से धर्मनिरपेक्षता की बात करते हैं?

डॉ. सुभाष शर्मा ने कहा कि धर्मनिरपेक्षता की बात करने वाली कांग्रेस ने पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने केरला में मुस्लिम लीग के साथ क्या गठजोड़ नहीं किया? शर्मा ने कांग्रेसी नेताओं को अपनी पीढ़ी के नीचे डंडा फेरने की नसीहत दी। सबसे ज्यादा अगर कोई फिरकू पार्टी देश में या पंजाब में है तो वो कांग्रेस पार्टी है। कांग्रेस ने हमेशा देश की जनता को धर्म और जाति के आधार पर लड़ा कर अपना उल्लू सीधा किया है और पंजाब में भी कांग्रेस यही खेल खेलना चाहती है। लेकिन पंजाब के लोग कांग्रेस के इन मंसूबों को कभी कामयाब नहीं होने देंगें। शर्मा ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में पंजाब में कांग्रेस को प्रदेश की जनता सत्ता से चलता करेगी और भाजपा को बहुमत देकर पंजाब की सत्ता सौंपेगी।