केजरीवाल लोगों को गुमराह करने की कर रहे पूरी कोशिश, उनके पास झूठ और छल का “उत्कृष्ट स्कोर कार्ड” है: मनोज तिवारी

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अरविंद केजरीवाल पिछले सात वर्षों में दिल्ली के स्कूलों, औषधालयों को सुधारने या दिल्ली को स्वच्छ प्रशासन देने में पूरी तरह विफल रहे हैं। और अब वह दिल्ली के फ्लॉप व तथाकथित रोल मॉडल को पंजाब में प्रोजेक्ट करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। यह बात आज दिल्ली भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने प्रदेश भाजपा मुख्यालय चंडीगढ़ में  संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही।

मनोज तिवारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि केजरीवाल की ड्रग्स और शराब के प्रति प्रतिबद्धता उजागर हो गई है क्योंकि पंजाबीयों को पता होना चाहिए कि केजरीवाल ने “ड्राई डेज” की संख्या 21 से घटाकर 3 कर दी है। शराब के ठेके 220 से बढ़ा कर 859 कर दिए हैं। स्कूलों और धार्मिक स्थलों के सामने शराब बेचने वाली दुकानें खोल दी गई हैं। पंजाब में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में भगवंत मान का चुनाव केजरीवाल की मानसिकता को दर्शाता है।

केजरीवाल की दिल्ली की राज्य सरकार को पूरी तरह विफल बताते हुए तिवारी ने कहा कि दिल्ली में जल बोर्ड हमेशा 600 करोड़ के लाभ में चलता था, लेकिन आज उसको 6200 करोड़ का भारी घाटा है। दिल्ली की केरिवल सरकार के बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और कुशासन ने इस गड़बड़ी को जन्म दिया है। दिल्ली में व्यावसायिक उपयोग के लिए देश में सबसे महंगी बिजली दरें हैं। आम आदमी पार्टी और कुछ नहीं बल्कि झूठ और लोगों को लूटने का एक समूह है।

मनोज तिवारी ने चेतावनी दी कि पंजाब को पता होना चाहिए कि केजरीवाल द्वारा ‘मोहल्ला क्लीनिक’ के रूप में दिल्ली में स्वास्थ्य का बुनियादी ढांचा वस्तुतः अस्तित्वहीन है, क्योंकि दिल्ली उच्च न्यायालय ने भी मई 2021 में अपने फैसले में कहा था कि ‘राज्य सरकार दिल्ली में कोविड रोगियों के लिए बुनियादी सेवाएं प्रदान करने में विफल रही है।‘ दुर्भाग्य से हाल ही में दिल्ली में तीन बच्चों की हुई मौत के लिए दिल्ली सरकार की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था जिम्मेदार थी, क्योंकि उन्हें जो दवा दी गई थी वो चार साल से कम उम्र के बच्चों को नहीं दी जानी चाहिए थी।