खाद सब्सिडी बढ़ाना सरकार का निर्णय ऐतिहासिक व किसान-हितैषी : अश्वनी शर्मा

DAP खाद पर सब्सिडी 140% बढ़ाई गई, अंतरराष्ट्रीय मूल्य वृद्धि के बावजूद किसानों को पुरानी कीमत पर ही मिलेगी खाद, 2400 रुपये की बोरी अब 1200 रुपये में मिलेगी | केंद्र सरकार सहन करेगी 14,775 करोड़ रुपये सब्सिडी बोझ, किसानों का कल्याण केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता | किसानों को DAP खाद पर सब्सिडी 500 रुपये प्रति बोरी से बढ़ाकर 1200 रुपये प्रति बोरी किए जाने का भाजपा ने किया स्वागत |

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देश के किसानों की आय दोगुनी करने के अपनी प्रतिबद्धता को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी ने डी.ऐ.पी. खाद के मूल्य को फिर पहले जितना करते हुए एक बार फिर केंद्र सरकार के किसान हितैषी होने का पुख्ता सबूत दिया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहाकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद डी.ऐ.पी. खाद से संबंधित कीमतों के मुद्दे पर उच्च स्तरीय बैठक बुला कर खाद कीमतों को पहले की तरह रखने का फैसला लिया है।

अश्वनी शर्मा ने कहाकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फॉस्फोरिक एसिड, अमोनिया आदि की बढ़ती कीमतों के कारण खाद की कीमतों में वृद्धि हो रही है। प्रधानमंत्री द्वारा अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद किसानों को पुरानी कीमत पर ही खाद दिए जाने का एतिहासिक फैसला लिया है, ताकि किसान की जेब पर इसका बोझ न पड़े। शर्मा ने कहाकि केंद्र सरकार द्वारा DAP खाद के लिए सब्सिडी 500 रुपये प्रति बैग से, 140% बढ़ाकर 1200 रुपये प्रति बैग कर दी गई है, जिसके चलते DAP की अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमतों में वृद्धि के बावजूद किसान को यह बोरी 1200 रुपये के पुराने मूल्य पर ही मिलेगी। इस सब्सिडी का सारा बोझ केंद्र सरकार वहन करेगी। शर्मा ने कहाकि प्रति बोरी सब्सिडी की राशि इतनी ज्यादा कभी भी एक बार में नहीं बढ़ाई गई है।

अश्वनी शर्मा ने कहाकि पिछले साल DAP की वास्तविक कीमत 1,700 रुपये प्रति बोरी थी, जिस पर केंद्र सरकार द्वारा 500 रुपये प्रति बोरी की सब्सिडी दी गई थी। इसलिए कंपनियां किसानों को 1200 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से खाद बेच रही थीं। लेकिन इस बार DAP खाद में इस्तेमाल होने वाले फॉस्फोरिक एसिड, अमोनिया आदि की अंतरराष्ट्रीय कीमतें 60% से 70% तक बढ़ने के कारण DAP बैग की वास्तविक कीमत अब 2400 रुपये पहुँच गई है, जिसे खाद कंपनियों द्वारा पिछले वर्ष की 500 रुपये की सब्सिडी के अनुसार घटा कर 1900 रुपये में बेचा जाना था। लेकिन केंद्र सरकार के नए फैसले के मुताबिक अब किसानों को 1200 रुपये में ही DAP खाद की बोरी मिलती रहेगी। DAP खाद में सब्सिडी बढ़ाने के साथ ही खरीफ सीजन में केंद्र की मोदी सरकार पर 14,775 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। शर्मा ने कहाकि केंद्र सरकार हर साल रासायनिक खादों की दी जा रही सब्सिडी पर करीब 80,000 करोड़ रुपये खर्च करती है। शर्मा ने कहाकि अक्षय तृतीया के दिन PM-KISAN के तहत किसानों के खाते में 20,667 करोड़ रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर करने के बाद, किसानों के हित में यह दूसरा बड़ा फैसला है।

अश्वनी शर्मा ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत्त है और रहेगी।