जहरीली शराब त्रासदी में 123 लोगों की मौत के दोषियों को सजा दिलवाने के लिए सी.बी.आई. की जाँच से कैप्टन क्यूँ कर रहे हैं गुरेज ? 123 लोगों की मृत्यु कैप्टन सरकार की अनदेखी के चलते एक सरकारी कत्ल : अश्वनी शर्मा

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जहरीली शराब त्रासदी में 123 लोगों की मौत के दोषियों को सजा दिलवाने के लिए सी.बी.आई. की जाँच से कैप्टन क्यूँ कर रहे हैं गुरेज ? 123 लोगों की मृत्यु कैप्टन सरकार की अनदेखी के चलते एक सरकारी कत्ल : अश्वनी शर्मा

चंडीगढ़: 7 अगस्त प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के तरनतारन दौरे के दौरान पीड़ित परिवारों के लिए की गयी नई घोषणाओं पर कटाक्ष करते हुए कहाकि जहरीली शराब त्रासदी में मारे गए लोगों के प्रभावित परिजनों से मिलना एक ढोंग है I कैप्टन पीड़ितों का दुःख बाँटने नहीं बल्कि अपना राजनीतिक मसकद पूरा करने पहुंचे हैं I शर्मा ने कहाकि 123 लोगों की मृत्यु एक सामान्य मृत्यु नहीं है, बल्कि कैप्टन सरकार की अनदेखी के चलते एक सरकारी कत्ल है I

अश्वनी शर्मा ने कहाकि पहले कैप्टन ने पीड़ितों को 2-2 लाख रूपये देने का एलान किया था, लेकिन अब उसे बढ़ा कर 5-5 लाख करने की घोषणा की है और कच्चे घरों में रहने वालों को पक्के घर बना कर देने का भी वायदा किया है। अश्वनी शर्मा ने कैप्टन अमरिंदर सिंह से सवाल किया कि आपने तो पवित्र गुटखा साहिब हाथ में लेकर तख़्त श्री दमदमा साहिब की तरफ मुँह करके जनता के सामने पंजाब से चार हफ़्तों में नशा खत्म करने की सौगंध खाई थी, लेकिन नशा खत्म करना तो दूर उल्टा कांग्रेसी नेताओं के सरंक्षण में नशा माफिया ने जहरीली शराब बेच कर माझा के तीन जिलों में 123 लोगों की जान ले ली। शर्मा ने कहाकि आबकारी विभाग खुद कैप्टन साहिब ने अपने पास रखा हुआ है जिससे कि इस त्रासदी की सीधे तौर पर जिम्मेवारी उनकी ही बनती है।

अश्वनी शर्मा ने कहाकि कैप्टन दोषियों के खिलाफ कारवाई कर सजा दिलवाने की बात कर रहे हैं, लेकिन पंजाब और पंजाबी उन पर विशवास कैसे करे ? क्यूंकि कांग्रेस के अपने नेता, विधायक व मंत्री खुद इन मामलों में लिप्त हैं |
यह बात पंजाब-वासी ही नहीं बल्कि उनके अपने कुछ विधायक, मंत्री व सांसदों को भी अपनी सरकार की नियत पर विश्वास नहीं है और कैप्टन को नाकाम बताते हुए अपनी ही काग्रेस सरकार को सच्चाई का आईना कई बार दिखाते रहते हैं।
अश्वनी शर्मा ने कहाकि अगर कैप्टन को पीड़ित परिवारों के जख्मों पर मरहम लगाने की इतनी ही फ़िक्र है और दोषियों के खिलाफ कारवाई करके सजा दिलवाने की बात कह रहे हैं, तो वह केंद्र सरकार से इस मामले की सी.बी.आई. जाँच की माँग क्यूँ नहीं करवाते??