देश-द्रोह के आरोपितों पर पंजाब की जनता के टैक्स का पैसा लुटाने का मुख्यमंत्री चन्नी को नहीं कोई अधिकार: अश्वनी शर्मा

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भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी द्वारा लाल किला हिंसा में दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए उपद्रवियों को 2-2 लाख रुपए बाँटने के ऐलान पर कड़ा संज्ञान लेते हुए मुख्य्मंत्रुई चन्नी को फटकार लगाते हुए कहा कि चन्नी पंजाब की जनता की खून-पसीने की टैक्स की कमाई को देश-द्रोहियों पर लुटा कर फिर से अपना तथा कांग्रेस का देश विरोधी होने का स्पष्ट प्रमाण दिया है। चन्नी का यह दुर्भाग्यपूर्ण फैसला पूरी तरह से मनमाना और राष्ट्रीय हितों के खिलाफ है और भाजपा इसकी घोर निंदा करती है। शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री चन्नी को ऐसे राष्ट्र-विरोधी तत्वों पर पंजाब की जनता के टैक्स की कमाई लुटाने का अधिकार किसने दिया? राज्य का खज़ाना चन्नी की व्यक्तिगत जागीर नहीं है।

अश्वनी शर्मा ने देश के राजनीतिक इतिहास में किए गए दु:खद नीच नादिर निर्णय की निंदा करते हुए कहा कि एक मुख्यमंत्री 26 जनवरी को लाल किला हिंसा के राष्ट्र-विरोधीयों को मुआवजे की घोषणा कैसे कर सकता है? यह पूरी तरह से राष्ट्रीय सुरक्षा हितों के खिलाफ है। 26 जनवरी को किसान आन्दोलन के नाम पर कथित किसान उपद्रवियों व असमाजिक तत्वों द्वारा गणतन्त्र दिवस वाले दिन देश का राष्ट्रीय पर्व मनाए जाने वाले स्थान लाल किले पर अपनी गुंडागर्दी का नंगा नाच करते हुए जहाँ भारत की आन-बान-शान माने जाने वाले राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का अपमान किया, वहीं 400 के करीब पुलिस बल के जवानों को गंभीर जख्मी किया और देश की जनता के दिलों को ठेस पहुँचाते हुए विश्व के सामने देश का नाम भी शर्मसार किया। देश की जनता के दिलों में इन कथित किसानों व राष्ट्र-विरोधी तत्वों के प्रति आक्रोश की लहर व आरोपियों को सज़ा दिए जाने को लेकर हुए दिल्ली पुलिस ने इन गुंडागर्दी करने वाले कथित राष्ट्र-विरोधी तत्वों को गिरफ्तार किया और वो सब देश-द्रोह के मामले का सामना कर रहे हैं। यह हिंसा का सारा घटनाक्रम कांग्रेस-प्रयोजित था। किसान आन्दोलन भी कांग्रेस की उपज है और इसका पंजाब के मुख्यमंत्री चन्नी द्वारा खुल कर समर्थन किया जाना भी इस बात का स्पष्ट प्रमाण है, जिसे कोई झुठला नहीं सकता। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह द्वारा पंजाब की देश-भगत जनता के टैक्स के पैसे ऐसे देश-द्रोहियों को देने का कोई अधिकार नहीं है। शर्मा ने कहा कि अगर चन्नी में इन देश-द्रोशियों के लिए इतनी हमदर्दी जाग रही है तो वो अपनी जेब से उन्हें पैसे दें, ना कि जनता के टैक्स के! शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री चन्नी को पंजाब की जनता को जवाब देना पड़ेगा कि आखिर कांग्रेस राष्ट्र-विरोधी तत्वों का साथ क्यूँ देती है और क्यूँ उनके साथ खड़ी है?

अश्वनी शर्मा ने कहा कि कांग्रेसी नेता सलमान खुर्शीद द्वारा 1984 के संबंध में लिखी गई किताब में भी कहा गया है कि 1947 में जो कुछ हुआ था, उसे लेकर मुसलमानों में भी भयानक असंतोष है और वो बंटवारे की उस अप्रिय घटना को नहीं भूले हैं। 1984 के सिख नरसंहार को लेकर मुसलमानों के दिलों में भी एक भयानक संतुष्टि थी। कांग्रेस द्वारा किए गए बँटवारे के पाप का भुगतान पंजाब के हिन्दूओं तथा सिखों को अपने खून से कर रहे थे। शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री चन्नी, नवजोत सिंह सिद्धू व कांग्रेस हाईकमान पंजाब में 1947 व 1984 दोबारा दोहराना चाहती है। उन्होंने कहा कि चन्नी द्वारा पंजाब विधानसभा के सैशन में जम्मू-कश्मीर से धारा 370 का विरोध करना कांग्रेस की देश-विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। नवजोत सिद्धू के पाकिस्तान प्रेम के चलते पाक प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ घनिष्ठ मित्रता तथा पाकिस्तानी सेना के जनरल बाजवा के साथ गले मिलना भी सिद्धू और कांग्रेस की देश-विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।

अश्वनी शर्मा ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास रहा है कि वो शुरू से ही देश-विरोधी ताकतों को सरंक्षण देती आई है। शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी व गृह-मंत्री अमित शाह से किसान आन्दोलन के दौरान 26 जनवरी को हुई दिल्ली हिंसा में कांग्रेसी नेताओं की भूमिका की जाँच NIA को सौंपी जाए और इन राष्ट्र-विरोधी कांग्रेसियों के नाम देश की जनता के सामने उजागार किए जाएं। शर्मा ने कहा कि दिल्ली हिंसा और दिल्ली की सरहदों पर चल रहा किसान आन्दोलन कहीं पंजाब की शांति और भाईचारक माहौल में आग लगाने के लिए तो नहीं चल रहा?