नड्डा ने स्वर्गीय कमल शर्मा को पहली पुण्य-तिथि पर किये श्रद्धासुमन अर्पित |

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भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्वर्गीय श्री कमल शर्मा की प्रथम पुण्य-तिथि पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अश्वनी शर्मा की अध्यक्षता में प्रदेश भाजपा मुख्यालय, चंडीगढ़ में “किसान भलाई: मोदी सरकार की प्राथमिकता” नामक एक वर्चुअल कार्यक्रम का आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम में मुख्य-वक्ता के रूप में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा भाजपा दिल्ली मुख्यालय से विशेष तौर पर वर्चुअल रूप से जुड़े । इस दौरान दिल्ली मुख्यालय से राष्ट्रीय सचिव तरुण चुग भी उनके साथ उपस्थित थे । इस दौरान चंडीगढ़ मुख्यालय से प्रदेश संगठन मंत्री दिनेश कुमार, प्रदेश भाजपा महामंत्री जीवन गुप्ता, डॉ. सुभाष शर्मा, स्वर्गीय कमल शर्मा की धर्मपत्नी शशि शर्मा भी उपस्थित थे ।

जे.पी. नड्डा ने स्वर्गीय कमल शर्मा को अपने श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हुए अपने संबोधन में कहाकि 17 मार्च 1970 में फिरोजपुर में जन्मे कमल शर्मा बाल्यकाल से ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के साथ जुड़ गए और कॉलेज की शिक्षा काल के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के विभिन्न पदों पर रहते हुए 19 वर्ष तक ABVP के लिए कार्य किया । 2007 के विधानसभा चुनाव में कमल शर्मा के नेतृत्व में भाजपा ने पंजाब में अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 23 में से 19 सीटों पर जीत हासिल की । 2013 को कमल शर्मा पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बने और पार्टी के सदस्यता अभियान में उन्होंने रिकोर्ड 23 लाख सदस्य बनाये । शर्मा के नेतृत्व में ग्रामीण निकाय चुनावों में भाजपा ने रिकोर्ड सफलता हासिल करते हुए 32 जिला परिषदों व 300 से अधिक ब्लाक समितियों में सफलता के झंडे गाड़े । कमल शर्मा ने मृदुल स्वभाव के कारण सभी आयु वर्ग में लोकप्रिय थे, जिसमें युवा, बजुर्ग, महिलायें एवं विद्यार्थी लोग शामिल थे । वह निजी संपर्क के साथ-साथ सोशल मीडिया के माध्यम से अपने मित्रों व् प्रशंसकों से भी निरंतर संपर्क में रहते थे । 27 अक्तूबर 2019 को दिवाली वाले दिन हार्ट अटैक से 49 वर्ष की आयु में श्री कमल शर्मा का निधन हो गया । उनके निधन से पार्टी को कभी न पूरा होने वाला नुक्सान हुआ ।

जे.पी. नड्डा ने कृषि बिलों का विरोध करने वाले राजनीतिक दलों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहाकि वे सभी तीन कृषि बिलों का “विशुद्ध रूप से राजनीतिक कारणों से” विरोध कर रहे हैं । सभी दल पंजाब के किसानों को गुमराह कर रहे हैं, क्योंकि वे उनके लिए कुछ भी सुधार करने में विफल रहे हैं । पंजाब कांग्रेस व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को आड़े हाथों लेते हुए नड्डा ने कहा कि कांग्रेस ने 2017 के अपने चुनावी घोषणापत्र में इन कानूनों को लागो करने की बात दोहराई थी, जिसे मोदी सरकार द्वारा लागू किया गया है । कांग्रेस ने मंडियां दूर करने और अनुबंध खेती को बढ़ावा देने की बात की थी ।

जे.पी. नड्डा ने सवाल किया कि “क्या कांग्रेस कहेगी कि उसने अपने घोषणा पत्र में यह वादे किए हैं या नहीं?”, उन्होंने कहा कि कांग्रेस, जिसने कभी किसानों के कल्याण के लिए काम नहीं किया, “किसानों को मूर्ख बनाने” के लिए एक क्षुद्र राजनीति खेल रही थी । नड्डा ने जनता ने दस साल तक सत्ता में रही यूपीए सरकार को उतार दिया, फिर भी स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू नहीं किया । उन्होंने कहा, “मोदी सरकार ने रिपोर्ट में दिए गए सुझावों को न केवल लागू किया है बल्कि किसानों के लिए फसल की लागत पर डेढ़ गुना अधिक कीमत देकर वादा निभाया है”। उन्होंने कहा कि तीन कृषि बिल न केवल देश में किसानों को सशक्त बनाएंगे, बल्कि उनको बंधन मुक्त भी करेंगे । नड्डा ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि एमएसपी प्रणाली में कोई बदलाव नहीं होगा, नए प्रावधानों के तहत पंजाब में किसान अब स्थानीय मंडियों से बाहर भी अपनी फसल बेच सकते हैं ।