पंजाब सरकार में घोटालों की भरमार, मुख्यमंत्री का चेहरा बदलने से कांग्रेस के किए हुए पाप छुप नहीं सकते: शर्मा

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भाजपा की संगठनातमक बैठकों का दौर दूसरे दिन भी रहा जारी।

मुफ्त की घोषणाओं के लिए पैसा कहाँ से आएगा, क्या इसका कोई जवाब विपक्ष के पास है: अश्वनी शर्मा

2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा पंजाब द्वारा प्रदेश में अपने बूथ स्तरीय संगठनातमक ढांचे को और सक्रिय करने व उसे और मज़बूत करने हेतु प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अश्वनी शर्मा की अध्यक्षता में भाजपा मुख्यालय, चंडीगढ़ में हो रही संगठनातमक बैठकों के दूसरे दिन केन्द्रीय जल-शक्ति मंत्री व पंजाब भाजपा चुनाव प्रभारी गजेंदर सिंह शेखावत पंजाब के अलग-अलग जिलों में पड़ने वाले विधानसभा क्षेत्रों के जिलाध्यक्ष, जिला महासचिव, मंडलो के अध्यक्ष तथा उनके महामंत्रियों के रु-ब-रु हुए व उनसे चुनाव संबंधी विचार-विमर्श किया तथा उनका मार्ग-दर्शन किया। पार्टी कार्यालय पहुँचने पर अश्वनी शर्मा ने गजेंदर सिंह शेखावत का पुष्प-गुच्छ व् दोशाला भेंट कर स्वागत किया। बैठक के दौरान मंच पर गजेंदर सिंह शेखावत के साथ चुनाव सह-प्रभारी श्रीमती मीनाक्षी लेखी, संगठन महामंत्री दिनेश कुमार, राष्ट्रीय सचिव व प्रदेश भाजपा सह-प्रभारी डॉ. नरिंदर सिंह रैना, प्रदेश महासचिव जीवण गुप्ता, डॉ. सुभाष शर्मा, राजेश बागा व दयाल सिंह सोढ़ी भी उपस्थित थे।

अश्वनी शर्मा ने इस अवसर पर मीडिया से बात करते हुए कहा प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी द्वारा तीनों संशोधित कृषि कानूनों की वापसी की घोषणा किए जाने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने लोकतांत्रिक रवैया अपनाते हुए कहा कि हम किसानों के एक वर्ग को इन कानूनों के लाभ के बारे में समझा नहीं पाए, इसलिए लोकतान्त्रिक मर्यादाओं में विश्वास करते हुए इन्हें वापिस ले रहे हैं। ऐसा कोई दरियादिल वाला प्रधानमंत्री ही कर सकता है, जिसे अपने देश तथा अपनी प्रजा की चिंता हो। वैसे तो उच्चतम न्यायलय ने इन कानूनों को डेढ़ वर्ष के लिए लागू करना निलंबित कर रखा था। प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी द्वारा कृषि कानूनों को वापिस लेने के लिए पंजाब की जिन-जिन शख्सियतों ने प्रधानमंत्री के इस कदम को तारीफ की है, शर्मा ने कहा कि वह उन सब का धन्यवाद करते हैं। शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा कानून वापिस लिए जाने के बाद किसान आन्दोलन वापिस होना चाहिए था, लेकिन विपक्ष के बहकावे में किसान अभी भी ऐसा नहीं कर रहे, यह बहुत दुखद है।

अश्वनी शर्मा ने किसान संगठनों से सवाल किया कि पंजाब सरकार ने किसानों से उनका पूरा कर्जा माफ़ करने का वादा किया था, वो कितने किसानों का पूरा हुआ और किसान पंजाब सरकार के खिलाफ कब झंडा उठायेंगें, इसका जवाब दें! किसान आज भी कर्ज के कारण आत्म-हत्याएं कर रहे हैं। पंजाब सरकार में सिर्फ मुख्यमंत्री का चेहरा बदलने से कांग्रेस के किए हुए पाप छुप नहीं सकते। कांग्रेस ने जनता के सिर्फ धोखा व घोटाले किए हैं। कोविड के दौरान राशन घोटाला, स्कॉलरशिप घोटाला, नकली शराब घोटाला, जीएसटी घोटाला, अवैध खनन घोटाला, बीज घोटाला, रेविन्यू डिपार्टमेंट घोटाला आदि सब इनके मंत्रियों व चहेतों ने किए हैं। तब पंजाब की कांग्रेस सरकार कहाँ थी, क्या तब इन्हें यह सब दिखाई नहीं देता था, अब भी तो वही मंत्री व नेता हैं, अभी तक इन सब के विरुद्ध चन्नी सरकार ने कोई कारवाही क्यूँ नहीं की?

अश्वनी शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री का विचार है कि कृषि-विशेषज्ञों तथा किसान संगठनों के साथ बैठ कर ऐसे कानून बनाएं जाएं जो सर्व-स्वीकार्य हों तथा जिनसे देश में हरित-क्रांति की सरंचना पुन: स्थापित हो सके। किसानों को लोकतंत्रीक परम्पराओं का सम्मान करते हुए सरकार के साथ टेबल पर बैठ कर अपनी मांगों का हल खोजना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से 11 बार किसानों के साथ सार्थक वार्ता का प्रयास किया गया, जो कि किसानों की हठधर्मिता के कारण असफल रहा। विपक्ष तथा प्रदेश सरकार द्वारा जनता से की जा रही मुफ्त घोषणाओं पर बरसते हुए शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री छोटे ड्रामेबाज़ और सिद्धू उससे भी बड़े ड्रामेबाज़ हैं, ऐसी घोषणाएं करके दोनों अपनी ड्रामेबाजी का प्रमाण दे रहे हैं। शर्मा ने सवाल किया कि विपक्ष द्वारा की जा रही मुफ्त की घोषणाओं के लिए पैसा कहाँ से आएगा, क्या इसका कोई जवाब इनके पास है? चन्नी तथा केजरीवाल दोनों पंजाब की जनता को पिछले विधानसभा चुनाव की तरह झूठे वादों से मुर्ख बनाने में लगे हैं, जिनकी जमीनी हकीकत आज प्रदेश की  जनता भली-भांति जान चुकी है।

                अश्वनी शर्मा ने कहा कि भाजपा जो भी कहेगी वो उसे पूरा करेगी, क्यूंकि भाजपा अपने घोषणापत्र में पंजाब की मूल-भूत समस्याओं को ध्यान में रख कर, जनता व व्यापारियों से बात-चीत कर तैयार किया जाएगा और भाजपा उसके लिए प्रतिबद्ध व जनता की जवाबदेह होगी। भाजपा पंजाब को माफिया-मुक्त, भ्रष्टाचार मुक्त, नशा-मुक्त व रोजगार-युक्त पंजाब देने का वाद करती है और वह इसके लिए प्रतिबद्ध है।