पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समाज असुरक्षित, उनकी निशानियाँ तोड़ना धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़: अश्वनी शर्मा

 भारतीय जनता पार्टी पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा द्वारा पाकिस्तान के  लाहौर किले में स्थापित महाराजा रणजीत सिंह की मूर्ति को कट्टरपंथी संगठन के लोगों द्वारा तोड़े जाने पर इस घटना को घृणा अपराध करार देते हुए कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू को सवाल किया कि वह शेर-ऐ-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह की मूर्ति को तीसरी बार तोड़े जाने पर भी चुप्प क्यूँ हैं? क्या इसके पीछे उनकी इमरान खान और जनरल बाजवा से दोस्ती तो कारण नहीं है? या फिर वो कट्टरपंथियों की हिमायत करते हैं?

          अश्वनी शर्मा ने कहाकि महाराजा रणजीत सिंह पंजाब के महान शासकों में से एक थे, जिन्होंने खुद एक धर्मनिरपेक्ष नायक के रूप में समाज में मिसाल कायम की थी। उन्होंने कहा कि ऐसे महान शासक का अपमान किया जाना पाकिस्तान के कट्टरपंथियों की संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है, जिसमें अल्पसंख्यकों के लिए कोई जगह नहीं है। शर्मा ने कहाकि पाकिस्तान में कभी सिख परिवार की बेटियों को अगवा कर जबरन धर्मांतरण कर उनका जबरन निकाह करवाया जाता है तो कभी हमारे गुरुधामों को निशाना बनाया जाता है। उन्होंने कहाकि पंजाबी समाज अपनी धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ कभी भी बर्दाश्त नहीं कर सकता।

अश्वनी शर्मा ने कहाकि महाराजा रणजीत सिंह की मूर्ति पर यह तीसरी बार हमला कर उसे क्षतिग्रस्त किया गया है। उन्होंने कहाकि सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आए वीडियोज में साफ़ दिखाई दे रहा है कि संदिग्ध हमलावर द्वारा मूर्ति पर हमला कर उसके पैर और दूसरे हिस्से तोड़ दिए गए। हमलावर ने महाराजा रणजीत सिंह के विरुद्ध नारे भी लगाए। इससे पहले पिछले साल दिसंबर में भी एक कट्टरपंथी ने मूर्ति पर हमला कर मूर्ति का हाथ तोड़ दिया था। इससे पहले कि वह और नुकसान पहुँचाता लोगों ने उसे पकड़ लिया था। इसके अलावा एक बार और भीड़ ने मूर्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की थी।

ज्ञात रहे कि लाहौर में जिस मूर्ति को नुकसान पहुँचाया गया है वह कांस्य से बनी है और 9 फीट की मूर्ति में रणजीत सिंह घोड़े पर बैठे हैं और उनके हाथ में तलवार है। वह सिखों के परिधान में बैठे दिखते हैं। इस मूर्ति को जून 2019 में लगाया गया था।

अश्वनी शर्मा ने कहाकि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समाज तथा उन की निशानियां कट्टरपंथी संगठनों के निशाने पर रहती हैं। इसका हालिया उदाहरण लाहौर में देखने को मिला है। उन्होंने कहाकि यह सरासर अल्पसंख्य समुदाय के लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ है। उन्होंने कहाकि वो भारत सरकार तथा पंजाब सरकार से अपील करते हैं कि वह इस संवेदनशील मुद्दे को पाकिस्तान सरकार के सामने मजबूती से उठायें ताकि दोषियों को सजा मिले। उन्होंने पाकिस्तान सरकार से अपील की कि इस घटना के दोषियों की जल्द-से-जल्द पहचान कर उनके विरुद्ध कड़ी से कड़ी कानूनी कारवाई करे।