बंगाल की धरती पर – ममता का जंगल राज: चुग

img-20210506-wa0017भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने आज यहां कहा कि बंगाल में बिखरे हिन्दुओं के खून, धू-धू कर जलते उनके घर, दिनदहाड़े सरेआम हो रहे मां बहनों के बलात्कार को देखकर 1947 के भारत विभाजन के दंश का स्मरण हो रहा है। ऐसा लगता है कि बंगाल में पुनः वे दिन वापस आ गए हैं जब पूरी की पूरी धरती खून से लथपथ हो गई थी और हिन्दुओं को चारा की तरह निशाना बनाया गया था।

चुघ ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति का जायजा लेने के लिए बंगाल के दौरे पर आए केन्द्रीय मंत्री श्री वी मुरलीधरन पर हुए जानलेवा हमले की घोर निंदा करते हुए श्री चुग ने कहा कि अपना राजनीतिक ग्राफ ऊंचा करने के उद्देश्य से राज्य में भाजपा समर्थकों को जान से मारने एवं हिंसक घटनाओं को अंजाम देनेवाले शिकारी हत्यारे खुलेआम मौके की तलाश में गली गली घूम रहे हैं।

उन्होंने कहा कि टीएमसी कार्यकर्ताओं द्वारा कई भाजपा एवं हिन्दू परिवारों की युवतियों और महिलाओं पर घातक शारीरिक हमला तथा बलात्कार किया गया है। शर्मनाक बात यह है कि पुलिस किसी भी प्रकार की प्रतिरोधक कार्रवाई करने में बुरी तरह से विफल है। कई इलाकों में इन टीएमसी के गुण्डों, तथाकथित कार्यकर्ताओं के ऐसे अत्याचार से तंग आकर वहां की जनता पलायन को मजबूर हो गई है। सोनार बांग्ला का दंभ भरनेवाली मुख्यमंत्री ममता का प्रशासन, पुलिस, कानून सभी अपनी-अपनी आंखों पर पट्टी बांधे हुए इन घटनाओं को मूक समर्थन दे रही हैं।

चुघ ने कहा कि जब केंद्रीय गृह मंत्रालय की टीम को भी टीएमसी के गुंडों ने नहीं बख्शा तो भला बंगाल की सड़कों पर आम आदमी की किस्मत का क्या होगा।

महामंत्री चुघ ने कहा, ‘‘राज्य में चारों ओर पसरी भयानक तबाही और फैले खून की भयावह तस्वीर भारतीय लोकतंत्र के लिए घोरशर्म की बात है।’’