भाजपा का सवाल, कांग्रेस की प्रचार समिति के अध्यक्ष चुनावी जंग को बीच में क्यों छोड़ गए

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भारतीय जनता पार्टी ने सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी को किनारे करते हुए, उसकी प्रचार समिति के अध्यक्ष सुनील जाखड़ द्वारा चुनाव से पहले सरगम सियासत से हटने पर सवाल क्या है, जबकि वोटों को कुछ ही दिन बाकी रह गए हैं।

केंद्रीय मंत्री और पंजाब भाजपा प्रभारी गजेंद्र सिंह शेखावत ने जाखड़ के सक्रिय राजनीति से सन्यास पर कहा कि मुख्य कारण उन्हें अपनी ही पार्टी द्वारा एक हिंदू होने के चलते पंजाब का मुख्यमंत्री बनाने से इनकार करना है, जिसने उन्हें वह तो बहुत दुःख पहुंचा।

उन्होंने कहा कि पहले हमें यह स्पष्ट कर देना चाहिए कि ज्यादातर सिख विधायकों ने मुख्यमंत्री के रूप में जाखड़ की नियुक्ति का समर्थन किया था, लेकिन कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें हिंदू होने के कारण नियुक्त करने से इनकार कर दिया। दोष पंजाब के लोगों का नहीं बल्कि कांग्रेस आलाकमान का है, जो लोगों को सांप्रदायिक आधार पर बांटना चाहता है।

शेखावत ने कहा कि मुद्दा सिर्फ यह नहीं है कि आप किसे मुख्यमंत्री बना रहे हैं, बल्कि असली मुद्दा यह है कि आपने किसी को मुख्यमंत्री बनाने से इनकार कर दिया, क्योंकि वह एक हिंदू है। बानसूर इसके की उसकी कई पीढियां आपके साथ जुड़ी हुई थी और उसके परिवार का पार्टी के प्रति योगदान था।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का पहले से ही भंडाफोड़ हो गया है और पंजाब में दौड़ से बाहर है, क्योंकि उसके कमांडर (प्रचार समिति के प्रमुख) उस लड़ाई से हट गए हैं जिसके लिए पार्टी को पंजाब के लोगों और विशेष रूप से अपने कार्यकर्ताओं स्पष्टीकरण देना चाहिए कि क्यों जाखड़ को सक्रिय राजनीति से हटने के लिए मजबूर होना पड़ा।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जाखड़ को बार-बार मुख्यमंत्री पद से केवल इसलिए वंचित कर दिया गया, क्योंकि वह एक हिंदू थे, इस तथ्य के बावजूद कि उन्हें कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के बाद 77 में से 42 विधायकों का समर्थन प्राप्त था।

भाजपा के वरिष्ठ नेता कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के एक विशेष वर्ग से सलाह दी है कि उसे अंतर्ध्यान करना चाहिए और गंभीरता से विचार करना चाहिए कि वे पार्टी में कहां खड़े हैं।  जो उन्हें दूसरे दर्जे का नागरिक मानते हैं। उन्होंने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से कहा कि आपको याद रखना चाहिए कि आप कितने भी प्रसिद्ध हों, आप कितने भी सफल क्यों न हों, आप कितने भी मेहनती क्यों न हों, आपका मुख्यमंत्री बनने का सपना हमेशा बंद दरवाजों के पीछे रहेगा, जैसा कांग्रेस पार्टी नेतृत्व ने जाखड़ के साथ व्यवहार किया। आप सभी के लिए सही निर्णय लेने का समय आ गया है।