भाजपा के विरोध के बाद जागे कांग्रेस प्रभारी, मुख्यमंत्री, कांग्रेस अध्यक्ष व कांग्रेसी सांसद देश विरोधी सलाहाकारों की निंदा तक ही सीमित।

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भारतीय जनता पार्टी, पंजाब के प्रदेश महासचिव डॉ. सुभाष शर्मा ने कहा कि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के सलाहकारों मालविंदर सिंह माली द्वारा की जा रही देश विरोधी विवादित टिप्पणियों के विरुद्ध भारतीय जनता पार्टी द्वारा कांग्रेस के विरुद्ध विरोध के चलते आखिरकार कांग्रेस प्रदेश प्रभारी हरीश रावत, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह तथा सांसद मनीष तिवारी को अपनी चुप्पी तोड़ते हुए इनके खिलाफ कड़ा संज्ञान लेने को मजबूर होना पड़ा है, पर यह पर्याप्त नहीं है।

डॉ. सुभाष शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सिद्धू के दोनों सलाहकारों को अपनी जुबान पर काबू रखने और जिस काम के लिए उन्हें लगाया गया है, उसे करने की नसीहत दी है, जबकि मुख्यमंत्री का कार्य है देश-विरोधी तत्वों के विरुद्ध कारवाई कर उन्हें सलाखों के पीछे करना, ना कि नसीहतें देना। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपना राजधर्म निभाएं तथा देश के क़ानून अनुसार सिद्धू के सलाहाकार के विरुद्ध करवाई करे।

डॉ. सुभाष शर्मा ने कहा कि यह सब भारतीय जनता पार्टी द्वारा पंजाब से लेकर दिल्ली तक उठे विरोध के चलते हुआ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा देश विरोधी लोगों को राजनीति में उतारा है, जो हमेशा देश विरोधी प्रचार कर के जनता को धार्मिक आधार पर बाँटने तथा देश को तोड़ने की बातें करते हैं। उन्होंने कहा कि देश विरोधी इन टिप्पणियों से राज्य के साथ-साथ देश की शांति और स्थिरता के लिए खतरा पैदा होता है। उन्होंने कहाकि ऐसे लोगों के लिए देश में कोई जगह नहीं है, जो पाकिस्तान तथा अन्य देश विरोधी ताकतों का साथ देते हैं।

डॉ. सुभाष शर्मा ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धू के सलाहकारों के विरुद्ध अगर मुख्यमंत्री द्वारा देश-द्रोह की धारा के तहत कारवाई की जानी चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो भारतीय जनता पार्टी  सिद्धू के सलाहाकारों के साथ-साथ नवजोत सिद्धू के सभी कार्यक्रमों का भी पूरे पंजाब में विरोध शुरू करेगी।