भाजपा को सरकार बनाने का मौक़ा देने को पंजाबी तैयार : दुष्यंत गौतम

whatsapp-image-2021-06-04-at-15-41-30
पंजाब में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम द्वारा प्रदेश की जनता की नब्ज टटोलने तथा आगामी चुनावी रणनीति को लेकर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अश्वनी शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठकों का दौर प्रदेश भाजपा मुख्यालय चंडीगढ़ में पूरा दिन जारी रहा। गौतम ने प्रदेश पदाधिकरियों, सभी मोर्चों के अध्यक्षों, मीडिया तथा सोशल मीडिया के अध्यक्षों के साथ बैठकें कर फीडबैक लिया तथा आगामी रणनीति संबंधी दिशा-निर्देश भी दिए। इस अवसर पर प्रदेश सह-प्रभारी डॉ. नरेंदर सिंह, संगठन महामंत्री दिनेश कुमार, प्रदेश महासचिव जीवन गुप्ता, डॉ. सुभाष शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश बागा आदि उपस्थित थे।

दुष्यंत गौतम ने कहाकि पंजाब में गठबंधन टूटने के बाद भाजपा पहली बार अपने दम पर पंजाब की 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने जा रही है। इससे पहले भाजपा ने निकाय चुनाव भी अकेले अपने दम पर लड़ा था और उसमें बहुत अच्छा प्रदर्शन किया और प्रदेश की कई सीटों पर विजय हासिल की। जिला, मंडल तथा बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं ने संगठन की मजबूती के बहुत अच्छा कार्य किया और केंद्र सरकार की जन-हितैषी नीतियों तथा सोच को जनता के बीच पहुँचा कर भाजपा के साथ जोड़ा है। उन्होंने कहाकि कोविड के चलते भाजपा द्वारा अपने सारे कार्यक्रमों का शारीरिक रूप से करना छोड़ कर डिजिटलाईजेशन कर दिया गया तथा अपने कार्यकर्ताओं सहित आम जनता से भी जुड़े रहे। उन्होंने कहाकि भाजपा का आधार जनता में बहुत मज़बूत है और इसका प्रत्यक्ष कारण है पाँच राज्यों के चुनाव में भाजपा उम्मीदवारों को स्पष्ट बहुमत देकर विजयी बनाना। इस बार पंजाब में भी भाजपा जनता के समर्थन से बहुत से सरकार बनाएगी।

अश्वनी शर्मा ने कहाकि पंजाब कांग्रेस की स्थिति दिन-प्रतिदिन विस्फोटक होती जा रही है और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी कैप्टन अमरिंदर सिंह की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कैप्टन के विरुद्ध खुल कर बोल रहे हैं। कांग्रेस के 80 में से 60 विधायको ने साढ़े चार वर्ष तक मुख्यमंत्री की निकम्मी कार्यशैली और अफसरशाही के विरुद्ध आवाज़ उठा रहे है। उन्होंने कहाकि बुधवार को जिस तरह नाराज़ मंत्रियों ने कैबिनेट की बैठक में हंगामा किया, उससे कांग्रेस की अंदरुनी विस्फोटक स्थिति उजागर हो चुकी है। कांग्रेस प्रदेश की जनता में विश्वास और आधार खो चुकी है। कांग्रेसी मंत्री तथा नेता वोट मांगने के लिए जनता के दरबार में जाने से कतरा रहे हैं। उन्हें पता है कि उनकी सरकार ने जनता के लिए कुछ नहीं किया, कैप्टन ने चुनाव के समय जो वादे किए थे, उन्हें भी आज तक पूरा नहीं किया, इसलिए जनता उन्हें इस बार वोट नहीं देगी। जिसका मुख्य कारण कैप्टन हैं। उन्होंने कहाकि प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है और इस पर लगाम लगाने में राज्य सरकार विफल रही है। रेत, शराब, ड्रग्स, ट्रांसपोर्ट माफिया पर कोई नियन्त्रण नहीं है, सरकार इनके इशारे पर चल रही है। शर्मा ने कहाकि कांग्रेस के लिए आगामी चुनावी वर्ष आत्मघाती होगा। उन्होंने कहाकि प्रदेश की सूझवान जनता प्रधानमन्त्री नरेंदर मोदी की नीतियों पर मोहर लगाते हुए इस बार प्रदेश की सत्ता भाजपा के हाथ में सौंपेगी।