मुख्यमंत्री चन्नी एक “अनिच्छुक मुख्यमंत्री” होने की बात स्वीकार कर 2022 के चुनावों में खुद को सीएम के रूप में नहीं देखते, यह कांग्रेस की जर्जर स्थिति संकेत: अश्विनी शर्मा

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी द्वारा 2022 के चुनावों में खुद को मुख्यमंत्री उम्मीदवार के रूप में ना देखने के ब्यान पर व्यंग्य कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का इस बात को स्वीकार करना ‘कांग्रेस पार्टी की जर्जर हालत’ और चन्नी और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच खुले मतभेद को दर्शाता है। शर्मा ने कहा कि चन्नी और नवजोत सिद्धू की जोड़ी के बीच संबंध अराजक हैं और दुर्भाग्य से राज्य की जनता इन दोनों से पीड़ित है, क्योंकि दोनों एक-दूसरे का मुकाबला करते रहते हैं और अच्छे सक्षम शासन के लिए बड़े फैसले लेने में पीछे हट जाते हैं।

अश्वनी शर्मा ने मुख्यमंत्री पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अनिच्छुक मुख्यमंत्री बवंडर दौरे पर हैं और मतदाताओं को लुभाने के लिए बड़ी-बड़ी फ्री की योजनाओं की घोषणा कर रहे हैं, लेकिन पंजाब का चतुर मतदाता कांग्रेस के इस बोगस जाल में नहीं फसेगा। शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार को अपने सरकारी स्कूलों में सुधार करने व सिविल अस्पतालों को सुविधाओं से लैस करने की जरूरत है ताकि आम आदमी को किफायती इलाज व अन्य सुविधाएँ मिल सके और पंजाब में आर्थिक विकास के अवसर देने के लिए एक अच्छा बुनियादी ढांचा तैयार किया जा सके। ‘सुशासन’ के ये तीन मूलभूत प्राथमिक स्तंभ हमारे राज्य को उस पतन से बाहर निकालने के लिए जरूरी हैं, जिसे दूरदृष्टि और प्रतिबद्धता की कमी के कारण धकेला गया है। हमें कम बयानबाजी और अधिक वास्तविकता की आवश्यकता है। भाजपा पंजाब की जनता से जो वादा करेगी उसे हर हाल में पूरा करेगी।