लाहौर के किले में महाराजा रणजीत सिंह की मूर्ति को तोड़ना और तोड़ना सबसे दुर्भाग्यपूर्ण।

पाकिस्तान में लाहौर किले में स्थापित महाराजा रणजीत सिंह की मूर्ति पर कट्टरपंथी संगठन के लोगों द्वारा हमला कर तोड़फोड़ करने पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता इकबाल सिंह लालपुरा ने कहाकि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घृणा अपराध है। उन्होंने महाराजा की मूर्ति को तोडना अपवित्र करार देते हुए कहाकि महाराजा रणजीत सिंह महान शासकों में से एक थे, जिन्होंने खुद एक धर्मनिरपेक्ष राजनायक के रूप में मिसाल कायम की थी। लालपुरा ने कहा कि “इअसे महान शासक का अपमान करने के लिए जिम्मेदार पाकिस्तान के कट्टरपंथियों की संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है, जिसमें अल्पसंख्यकों के लिए कोई जगह नहीं है।

लालपुरा ने कहाकि पाकिस्तान में कभी सिख परिवार की बेटियों को अगवा कर जबरन धर्मांतरण किया जाता है तो कभी हमारे गुरुधामों को निशाना बनाया जाता है। उन्होंने कहाकि सिख समाज अपनी धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ कभी भी बर्दाश्त नहीं कर सकता।

लालपुरा ने कहाकि महाराजा रणजीत सिंह की मूर्ति पर किया गया यह तीसरा हमला है। उन्होंने कहाकि सामने आए सोशल मीडिया वीडियोज में साफ़ दिखाई दे रहा है कि संदिग्ध हमलावर ने हाथ से ही मूर्ति पर हमला किया और इसके पैर और दूसरे हिस्से तोड़ दिए। हमलावर ने रणजीत सिंह के खिलाफ नारे भी लगाए। इससे पहले पिछले साल दिसंबर में भी एक शख्स ने मूर्ति पर हमला किया था। उसने मूर्ति का हाथ तोड़ दिया था। वह और नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा था। उसे भी लोगों ने पकड़ लिया था। इसके अलावा एक बार और भीड़ ने मूर्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की थी।

ज्ञात रहे कि लाहौर में जिस मूर्ति को नुकसान पहुँचाया गया है वह कांस्य से बनी है और 9 फीट की मूर्ति में रणजीत सिंह घोड़े पर बैठे हैं और उनके हाथ में तलवार है। वह सिखों के परिधान में बैठे दिखते हैं। इस मूर्ति को जून 2019 में लगाया गया था।

लालपुरा ने कहाकि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की निशानियां कट्टरपंथी संगठनों के निशानों पर रहती हैं। इसका हालिया उदाहरण लाहौर में देखने को मिला है। उन्होंने कहाकि यह सरासर अल्पसंख्य समुदाय के लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ है। उन्होंने कहाकि वो भारत सरकार से अपील करते हैं कि वह इस संवेदनशील मुद्दे को पाकिस्तान सरकार के सामने मजबूती से लाए और दोषियों को सजा मिले। उन्होंने पाकिस्तान सरकार से अपील की कि इस घटना के दोषियों की जल्द-से-जल्द पहचान कर उनके विरुद्ध कड़ी से कड़ी कानूनी कारवाई करे।