विपक्ष अपनी राजनितिक ज़मीन सिमटती देख देश की जनता को भड़काने पर तुला है : गजेंदर सिंह शेखावत

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केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री भारत सरकार गजेन्द्र सिंह शेखावत द्वारा भाजपा मुख्यालय दिल्ली से वर्चुअल रूप से जुड़ कर कृषि कानूनों के बारे में किसानों, जमीदारों व आढ़तियों को जागरूक करवाने हेतू आयोजित संवाद कार्यक्रम में कानूनों के बारे में विस्तृत जानकारी मुहैया करवाई गई । इस दौरान उनके साथ भाजपा मुख्यालय दिल्ली से राष्ट्रीय भाजपा महासचिव तरुण चुघ, भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा भी उपस्थित रहे ।
गजेन्द्र सिंह शेखावत ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहाकि पहली बार किसान भाईयों के हित में और इस विषय में किसी ने विचार किया तो वह स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी थे। खाद्यान्नों, चीनी, कपास, दुग्ध का सबसे बड़ा उत्पादन करने वाला हमारा देश है । पहले के प्रधानमंत्री द्वारा यह घोषणा कि गई थी कि कम अनाज होने के कारण प्रत्येक व्यक्ति को सप्ताह मे एक दिन उपवास करना चाहिए ताकि सभी को भोजन मिल सके। आरम्भ से ही स्वामीनाथन जी की रिपोर्ट लागू करने के लिए कहा गया था लेकिन 2006 से 2008 तक यूपीए सरकार उस रिपोर्ट को तकिये की तरह इस्तेमाल कर सोती रही। पहले गेंहू जहाजों मे भर-भर कर बाहर से लाया जाता था ताकि हमारे देश के लोगों का हम पेट भर सके लेकिन आज हमारा देश दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादन करने वाला देश है। यह सब हमारे किसान भाईयों के कारण ही है। कृषि का बजट 14 हज़ार करोड़ से बढ़ा कर 1 लाख 34 हज़ार करोड़ सालाना कर दिया। 10 वर्षों में किसान भाइयों को केवल 50 हज़ार करोड़ की मदद कि गई जबकि मोदी सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष किसान भाईयों के खाते में लगभग 90 हज़ार करोड़ रूपये दिया जा रहा है।
गजेन्द्र सिंह शेखवत ने कहाकि एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) 50 प्रतिशत लाभकारी मूल्यों के साथ किसान भाईयों को दी जाएगी । यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 56 इंच के सीने का ही कमाल है जो इस बिल को लागू कर दिखाया। इस बिल के अनुसार किसानों को 85 प्रतिशत अधिक लाभ होगा। दरअसल जिनकी राजनितिक ज़मीन सिमटती जा रही है ऐसी राजनितिक दलों देश को भडकाने के अलावा और कर भी क्या सकते हैं। उनका काम सिर्फ देश के मासूम भाई-बहनों मे भ्रम फैलाना ही है। जो बांध पिछले 20, 30 या 40 वर्षो से बंद थे मोदी सरकार द्वारा उनमे से 100 से अधिक बांधों का पुनर्निमाण कराया जा चुका है जिससे की सिंचाई अच्छे से कि जा सके।
तरुण चुग ने कहाकि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन साहब ने विशेष विधानसभा सत्र किसानों के हित के लिए बुलाया है तो मैं कैप्टन साहब से विनती करता हूँ कि झूठ और फरेब छोड़े और जो उन्होनें अपने 9 जनवरी 2017 के चुनावी घोषणा पत्र मे वायदें किये थे उन्हें पूरा करें। तरूण चुग ने पंजाब की राज्य सरकार को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा की सरकार नौटंकी करना छोड़े और वास्तव में किसानों के हित मे सोचें और अपने घोषणा पत्र में जो उन्होनें 90 हज़ार करोड़ रूपये के चैक वितरीत करने का वायदा किया था उसका प्रस्ताव विधानसभा में पारित करें और 1 महीने के भीतर किसानों के खातों मे राशि स्थानांतरित करें। प्रति एकड़ मुआवज़े की मांग विधानसभा सत्र में पास करें। केन्द्र सरकार द्वारा जिन बाकी फसलों की एमएसपी निर्धारित की गई है उन फसलों को जल्द से जल्द उठाने का प्रस्ताव भी पारित करें। झूठे वायदों के कारण 400 से ज्यादा किसान भाईयों ने आत्महत्या कर ली थी तो वह इस विधानसभा सत्र में उनके परिवारजनों से भी माफी मांगे।
इस अवसर पर चंडीगढ़ से प्रदेश अध्यक्ष श्री अश्विनी शर्मा जी, संगठन मंत्री दिनेश कुमार, कृष्ण सिंह, अबोहर से जिलाध्यक्ष राकेश धुडिया, पूर्व मंत्री सुरजीत कुमार ज्याणी, प्रदेश सचिव शिवराज गोयल, प्रदेश आईटी एवं सोशल मीडिया के अध्यक्ष राकेश गोयल जी, महामंत्री अश्वनी फुटेला, राम कुमार मानधानिया, प्रदेश सचिव किसान मोर्चा मनोज झींगा, कृष्ण लाल झिंडा, धनपत स्याल, सिकंदर कपूर जी, गौरव ठक्कर जी आदि उपस्थित थे I