शासन करने के लिए तथाकथित नई टीम में दागी विधायक राणा गुरजीत को जगह देने के विरुद्ध कांग्रेस में असंतोष: अश्वनी शर्मा

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भारतीय जनता पार्टी, पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने पंजाब के नए मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पंजाब का दुर्भाग्य है कि उसकी जनता को मुख्यमंत्री के रूप में एक ‘कठपुतली’ मिली है, क्यूंकि उसे हर फैसले\ के लिए दिल्ली दरबार में हाजरी भरनी पड़ती है और चन्नी द्वारा अपनी कैबिनेट मंत्री के रूप में एक दागी विधायक रना गुरजीत सिंह को जगह दिए जाने के विरुद्ध कांग्रेस नेताओं ने पहले ही विरोध शुरू कर दिया है। राणा गुरजीत सिंह को कैबिनेट मंत्री के रूप में नियुक्त करके, कांग्रेस पार्टी ने फिर से स्पष्ट किया है कि उसे प्रदेश की जनता की नैतिकता और संवेदनशीलता की कोई परवाह नहीं है।

अश्वनी शर्मा ने कहा कि कांग्रेस विधायक के एक वर्ग ने आलाकमान को लिखा था कि राणा गुरजीत सिंह को मंत्री के रूप में नियुक्त नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि वह एक घोटाले में शामिल थे और एक साफ छवि वाले कांग्रेस व्यक्ति को कैबिनेट में जगह दी जानी चाहिए। हालांकि लंबे समय से भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाली कांग्रेस हाई-कमान ने आगे बढ़कर राणा को मंत्री बना दिया। यह सब अमरिंदर खेमे को शांत करने की कोशिश है। राणा गुरमीत सोढ़ी हाल ही में सरकार से अपनी भूमि अधिग्रहण के लिए दो बार मुआवजा लेने में शामिल रहे हैं। शाम सुंदर अरोड़ा भी घोटालों के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं। शर्मा ने कहा कि इस नए कांग्रेसी मंत्रिमंडल की अवधि अल्पकालिक होगी और दुर्भाग्य से इसका खामियाजा आम आदमी को भुगतना पड़ेगा।

अश्वनी शर्मा ने कहा कि नए मंत्रिमंडल की टीम बना कर कांग्रेस ने यह स्वीकार कर लिया है कि वास्तव में कांग्रेस पार्टी द्वारा पिछले साढ़े चार साल तक सिवा लूट के कुछ नहीं किया गया। इन विधायकों और मंत्रियों के संरक्षण में शराब माफिया, ड्रग माफिया और रेत माफिया पनपे हैं और लगातार फलफूल रहे हैं और इस पर लगाम लगने का कोई भी रास्ता जजर नहीं आ रहा। अश्वनी शर्मा ने कहा कि भाजपा का मानना है कि पंजाब जो कि मंडी तथा बेरोज़गारी के दौर में पड़ चुका है, को अपनी अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए तुरंत एक रोडमैप लागू करने की जरूरत है। यह राज्य के लिए चुनौतीपूर्ण समय है जो नंबर एक था, लेकिन बहुत दुख की बात है कि कांग्रेस सरकार की सरासर लापरवाही और बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और घोटालों के कारण पिछले कुछ वर्षों में पंजाब की जीडीपी में दूसरी सबसे धीमी वृद्धि है। 1981 में प्रति व्यक्ति वृद्धि गणना में इसे प्रथम स्थान दिया गया था|

अश्वनी शर्मा ने कहा कि आने वाले समय में हमें राज्य के लिए ‘आर्थिक सुधार योजना’ बनाने के लिए पार्टी लाइन से हट कर कटौतीयाँ करने पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। शर्मा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी कुछ नए चेहरे देकर पंजाब की जनता को बेवकूफ नहीं बना सकती है। पंजाब की जनता को सुशासन और दृढ़ सरकार चाहिए। हमारे स्कूल, अस्पताल और बुनियादी सुविधाए बदहाल हैं। शर्मा ने कहा कि पंजाब का दुर्भाग्य है कि आपस में कुर्सी की लड़ाई लड़ रही कांग्रेस पार्टी इन सब को पूरा नहीं कर सकती।