5 जनवरी का दिन पंजाब की राजनीतिक व पंजाब सरकार के अलोकतांत्रिक व्यवहार के लिए काले अक्षरों में लिखा जाएगा: शर्मा

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कांग्रेस हाईकमान के इशारे पर मुख्यमंत्री चन्नी, गृहमंत्री रंधावा व डी.जी.पी. पंजाब ने प्रधानमंत्री मोदी की जान लगाई दांव पर | कांग्रेसी नेता दे रहे शर्मनाक ब्यान, मोदी की जान खतरे में डालने की सारी साजिश दिल्ली में रची गई, राहुल व सोनिया चुप्प क्यूँ: अश्वनी शर्मा

 

प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी को उनके पंजाब दौरे के दौरान पंजाब में उनकी सुरक्षा की जिम्मेवारी पंजाब सरकार की थी, जिसे कांग्रेस हाईकमान के इशारे पर मुख्यमंत्री चन्नी, गृहमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा व डी.जी.पी. पंजाब ने पी.एम. की सुरक्षा को ताक पर रखते हुए प्रधानमंत्री मोदी की जान को ही दांव पर लगा दिया। यह आरोप प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने भाजपा मुख्यालय चंडीगढ़ में पत्रकारवार्ता के दौरान मीडिया से बात करते हुए पंजाब सरकार पर लगाए। शर्मा ने कहा कि इस घटना को लेकर कांग्रेसी नेताओं के घटिया व शर्मनाक ब्यानों ने पंजाब व पंजाबियों का सिर विश्व में झुका दिया है।

अश्वनी शर्मा ने कहा कि 5 जनवरी का दिन पंजाब की राजनीतिक व पंजाब सरकार के अलोकतांत्रिक व्यवहार व अव्यवस्था के लिए काले अक्षरों में लिखा जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा के साथ चूक नहीं साजिश के तहत जो खिलवाड़ किया गया, उससे लोकतंत्र और पंजाबियत भी शर्मसार हुई है। और यह सब पंजाब सरकार की शह पर हुआ है। मौसम की खराबी के कारण प्रधानमंत्री सड़क मार्ग से शहीदों को श्रद्धांजली देने के लिए हुसैनीवाला के लिए निकले। प्रधानमंत्री का दौरा जब भी बनता है उसके लिए वैकल्पिक रूट तय होते हैं और इसमें भी ऐसा हुआ था और इसकी जानकारी राज्य सरकार व उनकी सुरक्षा में लगे उच्च-अधिकारीयों सभी को होती है और डी.जी.पी. पंजाब की क्लियरेंस के बाद जी प्रधानमंत्री सड़क मार्ग से निकले। ऐसा लगता है कि यह षड्यंत्र पंजाब में ही नहीं बल्कि दिल्ली में कांग्रेस द्वारा रचा गया है। जिस तरह कांग्रेस के प्रवक्ताओं के ब्यान आ रहे हैं और उनकी अध्यक्षा चुप्पी साधे हुए हैं। कांग्रेस सरकार की नाकामी पर जहाँ राहुल गाँधी व अन्य कांग्रेसी नेताओं को शर्मिंदगी महसूस करनी चाहिए थी, वहां उलटे-सीधे ब्यान दे रहे हैं। प्रधानमंत्री जब सड़क मार्ग से आ रहे थे, तो जानकारी के मुताबिक वह रूट पहले से ही बंद हो चुका था। वहां पर एक काली गाडी से लोगों को लाया गया और उन्हें वहां पर बिठाया गया और रैली में जाने वाली बसों को जबरन रोक दिया गया और वहां पर संघर्ष हो रहा था। ऐसे में वहां पर प्रधानमंत्री को लाना एक गहरी साजिश के तहत किया गया। काफिले को फ्लाई-ओवर पर रोकना सुरक्षा की दृष्टि से सरासर गलत है।

अश्वनी शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री के सुरक्षा काफिले में डी.जी.पी. पंजाब तथा मुख्य सचिव या सरकार के किसी प्रतिनिधि का ना होना, यह सब शंका के घेरे में आता हैं। भारी बारिश के बावजूद भी मोदी की रैली में पहुँचने वाली जनता और कार्यकर्ताओं के जन-सैलाब को देख कर कांग्रेस में भय व्यापत था। कांग्रेस को अपनी हार साफ़ दिखाई दे रही थी। कांग्रेस ने किसान की आढ़ में एक बार फिर से अराजकता फ़ैलाने की कोशिश की। कांग्रेस ने पुलिस की मदद से पूरे पंजाब में भाजपा कार्यकर्ताओ व आम जनता की बसों को रैली तक पहुँचने से रोका गया और कई जगह पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज भी किया गया जिसमें कई लोग गंभीर घायल हुए है। कांग्रेस की यह इमरजेंसी वाली मानसिकता है कि जनता की आवाज दबा दो। लेकिन जनता कांग्रेस की यह मानसिकता कामयाब नहीं होने देगी।

अश्विनी शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए किस हद तक गिर सकती है इसका ताज़ा उदहारण प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर जनता व विश्व के सामने आ गया है। शर्मा ने कहा कि अगर पीएम मोदी का दौरा पूर्व नियोजित था तो सुरक्षा में चूक कैसे हुई? इसकी जिम्मेवारी राज्य सरकार और राज्य के पुलिस अधिकारीयों की थी, जो प्रधानमंत्री मोदी के सारे कार्यक्रम की देखरेख व सुरक्षा में जुटे थे।

अश्वनी शर्मा ने कहा कि कांग्रेस ने आज पंजाब का माहौल आतंकवाद से भी बदतर बना दिया है। कांग्रेस द्वारा प्रायोजित इस घटना ने कांग्रेस के खून बहाओ व राज करो के चरित्र को उजागर कर दिया है। कांग्रेस पंजाब को कहां धकेल रही है, पंजाब की जनता को यह सोचने की जरुरत है। कांग्रेस ने पंजाब को आपातकालीन स्थिति में पहुंचा दिया है और आज पंजाब भयंकर खतरे में है। लेकिन भाजपा कांग्रेस के इन गंदे व नीच मंसूबों को कामयाब नहीं होने देगी। इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री सोम प्रकाश, प्रदेश महासचिव जीवन गुप्ता, डॉ. सुभाष शर्मा, राजेश बागा, हरजीत गरेवाल, राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी आदि उपस्थित थे।