‘तुसीं आपदे गुरद्वारे विच क्यों नी पांदे भोग : पंजाब के दलितों का दुख

सांपला ने एसजीपीसी अध्यक्ष से गुरुद्वारे में दलित परिवार का भोग रोकने का मामला उठाया

धूरी के गांव मानवाला में दलित परिवार को गुरुद्वारा साहिब में नहीं डालने दिया गया भोग

जिला संगरूर तहसील धूरी के अंतर्गत आते गांव मानवाला में कुछ लोगों द्वारा गांव के गुरुद्वारा साहिब में एक दलित परिवार को अपनी मां का अंतिम अरदास भोग करने से रोका, इसका संज्ञान लेते हुए केंद्रीय मंत्री व भारतीय जनता पार्टी पंजाब के अध्यक्ष विजय सांपला ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लोगोंवाल से बात कर उन्हें इसे तुरंत सुलझाने का निवेदन किया।

गांव मानवाला की रहने वाली रंजीत कौर व उसके पति काका सिंह जिनको उनकी माता का भोग गांव के गुरुद्वारा साहिब में नहीं डालने दिया गया, ने सांपला को बताया कि जब उन्होंने भोग से एक दिन पहले भोग का सामान गुरुद्वारा साहिब में रखा तो वहां हलचल शुरू हो गई और गुरुद्वारा साहिब में मौजूद लोगों के समूह में से ईशर सिंह व पंचायत मैंबर सैबी सिंह ने उन्हें कहा कि ‘तुहाडा आपदा गुरुद्वारा ए, तुसी आपदे गुरद्वारे विच क्यों नी पांदे भोग’। उन्हें न सिर्फ भोग डालने से मना किया गया बल्कि गुरुद्वारा साहिब के बर्तन देने से भी मना कर दिया गया। जब उनकी बात नहीं सुनी गई तो उन्होंने अगले दिन अंतिम अरदास भोग की रस्म अपने घर में ही संपन्न की।

सांपला ने कहा कि सांझी वार्ता का संदेश देने वाली गुरुओं की धरती पर इस तरह की घटनाएं होना बहुत ही दुखदायी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि एसजीपीसी के अध्यक्ष लौंगोवाल ना सिर्फ इस मसले को सुलझाएंगे, बल्कि आगे से ऐसी घटनाएं न हों, इसे सुनिश्चित करेंगे।