भ्रष्टाचार व अराजकता से भरा कैप्टन अमरिंदर का तीसरा माह: भाजपा

राहुल गांधी जी जिस पंजाब सरकार को मॉडल सरकार के नाते पूरे भारत में पेश करना चाहते थे, उसका देखो हाल
भ्रष्टाचार और अराजकता कैप्टन अमरिंदर सिंह के तीसरे माह की प्राप्ति 
सत्ता के तीसरे माह, कैप्टन को भ्रष्टाचार व अराजकता का तमगा
भ्रष्टाचार व अराजकता कैप्टन के तीसरे माह की उपलब्धियां
मोदी सरकार के तीन साल — न कोई स्कैम, न कोई इल्जाम
कैप्टन सरकार के तीन महीने — स्कैम ही स्कैम और इल्जाम ही इल्जाम
 पंजाब में बढ़ते भ्रष्टाचार और अराजकता को लेकर कैप्टन अमरिंदर सिंह को आड़े हाथों लेते हुए पंजाब भाजपा ने आज कहा कि प्रदेश में पहले कभी भी ऐसी सरकार नहीं आई जिसने सौ दिनों से कम के कार्यकाल के अंदर ही अपनी छवि धूमिल कर दी हो। प्रदेश की कांग्रेस सरकार के तीसरे महीने की रिपोर्ट कार्ड जारी करते हुए पंजाब भाजपा उपाध्यक्ष हरजीत सिंह ग्रेवाल, महासचिव मनजीत ङ्क्षसह राय और प्रदेश सचिव विनीत जोशी ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार अराजकता और भ्रष्टाचार का दूसरा नाम बन चुकी है। उन्होंने कहा कि इस तीसरे महीने में कांग्रेस ने गुंडागर्दी और दलित उत्पीडऩ की अपनी पिछली दो महीनों की विरासत को आगे बढ़ाया है।
मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए ग्रेवाल ने कहा, ‘पंजाब कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह और करीब 11 से 15 कांग्रेस विधायकों द्वारा पंजाब में रेत खनन व्यापार पर कब्जा करने की निर्लज कोशिश और इस पर कैप्टन अमरिंदर सिंह की दोषियों को बचाने की व्यर्थ कोशिश ने पंजाब सरकार की विश्वसनियता को तीन महीनों के अंदर ही गहरा आघात पहुंचाया है। भ्रष्टाचार के आरोप अकेला विपक्ष नहीं लगा रहा, बल्कि खुद कांग्रेस के विधायक ही अपने मंत्रियों पर भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के आरोप लगा रहे हैं’।
कैप्टन के तीन माह के कार्यकाल में किसानों द्वारा आत्महत्या की बढ़ती दर पर बोलते हुए जोशी ने कहा, ‘पहले महीने में किसानों की सोलह आत्महत्याएं, दूसरे  छब्बीस और तीसरे महीने में तेत्तीस आत्महत्याओं से ये साफ है कि किसानों का कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार से मोहभंग हो गया है क्योंकि वो चुनाव पूर्व किए गए कजऱ्माफी के अपने वायदे पूरा नहीं कर रहे हैं और किसानों को खुदकुशी का रास्ता अख़्तियार करना पड़ रहा है। हम पंजाब के मुख्यमंत्री से अपील करना चाहेंगे कि वो बिना विलम्ब किसानों का पूरा कर्ज माफ  करें’।
राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए जोशी ने कहा, ‘दलितों पर अत्याचार हो रहे हैं, उनकी बहु-बेटियों के साथ छेड़छाड़/बलात्कार की घटनाएं हो रही हैं, उन्हें उनके घरों और ज़मीनों से खदेड़ा जा रहा है और उनके साथ मारपीट की जा रही है, उन्हें जिंदा जलाने की कोशिश की जा रही है। ये सब कांग्रेस नेताओं या उनकी शह में हो रहा है। कैप्टन अमरिंदर सिंह को कड़ा कदम उठाते हुए सभी जिला पुलिस अधिकारियों को निर्देश देने चाहिए कि दोषियों को बिना किसी राजनीतिक दबाव के गिरफ्तार किया जाए’।
प्रदेश में बड़ रहे प्रदर्शनों पर चिंता ज़ाहिर करते हुए उन्होंने कहा, ‘पंजाब सरकार के कुशासन के खिलाफ  लोग सडक़ों पर उतर आए हैं। जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं, लोग लाशें लिए सडक़ें रोक रहे हैं, सरकारी दफ्तरों का घेराव किया जा रहा है। गांववालों ने दोषियों को सजा देने के लिए अब कानून अपने हाथ में ले लिया है। लेकिन प्रदेश सरकार आंखें मूंदकर बैठी है। ये सब बता रहा है कि प्रदेश अशांति की तरफ  बढ़ रहा है और अगर इसे जल्द से जल्द काबू नहीं किया गया तो ये कानून व्यवस्था की गंभीर समस्या में तब्दील हो जाएगा’।
‘कानूनी/वैध खनन पर कब्जा करने की कोशिशें तो जारी हैं हीं, पर पंजाब को असली खतरा कांग्रेस नेताओं और समर्थकों द्वारा किए जा रहे रेता बजरी के अवैध खनन से है जो कि प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत के बिना चल नहीं सकता। इसके साथ-साथ खनन और सिंचाई महकमे इसे नजऱअंदाज कर रहे हैं। यहां ये बात गौर करने लायक है कि सिंचाई विभाग राणा गुरजीत के पास है तो वहीं खनन, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के जिम्मे है’।
रेता बजरी के मोटे व्यापार पर कब्जा करने में विधायक/मंत्री व मुख्यमंत्री सभी शामिल हैं, इस बात का और पुख्ता सबूत क्या दें, कहते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि मोदी सरकार के तीन साल — न कोई स्कैम, न कोई इल्जाम’, ‘कैप्टन सरकार के तीन महीने — स्कैम ही स्कैम और इल्जाम ही इल्जाम’