दसवें माह में कैप्टन ने लोकतंत्र तथा किसानों दोनों को दिया धोखा

7 जनवरी को कैप्टन ने मानसा में बोला सफ़ेद झूठ व किसानों से धोखे की पुष्टि की।
किसान, दलित, महिलायें, बजुर्ग, गरीब, युवा, कर्मचारी सब कह रहे हैं ‘जो कैप्टन न कहा वो कभी नहीं किया’

कैप्टन सरकार ने अपने दसवें महीने में लोकतंत्र का गला घोटा तथा किसानों से धोखे की आधिकारिक पुष्टि की, यह कहना है भारतीय जनता पार्टी पंजाब के प्रदेश उपाध्यक्ष हरजीत सिंह ग्रेवाल व प्रदेश सचिव विनीत जोशी का, जो कैप्टन सरकार के दसवें माह की रिपोर्ट पेश कर रहे थे। गोराबतलब है की पंजाब भाजपा कांग्रेस सरकार की हर माह की कारगुजारी पर अपनी टिपणी करती आ रही।

म्युनिसिपल चुनावों में सरकारी तंत्र खास कर पंजाब पुलिस का दुरूपयोग वो भी विशेष तोर पर कैप्टन के अपने शहर पटिआला में जीत दर्ज करने के लिये लोकतंत्र की हत्या की| किसानो से धोखा इसलिए क्यूंकि किसानो का पूर्ण कर्जा माफ़ करने के वायदे से पलट किसानो के साथ धोखे की आधिकारिक पुष्टि कैप्टन सरकार ने 7 जनवरी को मानसा में की | निराश हो उससे अगले दिन पांच किसानो ने आत्महत्या कर ली | कैप्टन सरकार के दस महीनो में अब तक 368 किसान आत्महत्या कर चुके हैं और अगर कैप्टन अमरिंदर अब न जागे तो पंजाब किसानो का शमशान बन जायेगा |

‘जो कहा-वो किया’ का बोर्ड लगाकर, कैप्टन अमरिंदर ने 7 जनवरी को मानसा में सफ़ेद झूठ बोला | सफ़ेद झूठ इसलिए क्यूंकि कांग्रेस ने चुनावी वायदे करते हुए जो कहा वो किया नहीं |

किसानो से कहा था की पूर्ण कर्जा माफ़ करेंगे, ख़ुदकुशी करने वाले किसान के परिवार को दस लाख मुआवज़ा देंगे, प्राकृतिक आपदा से नुकसान पर बिस हज़ार प्रति एकड़ मुआवज़ा देंगे, आत्महत्या कर चुके किसानों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा व मुफ्त होस्टल और विधवाओं की स्किल डिवैल्पमैंट के लिए केन्द्र, पांच लाख तक की लाइफ तथा हेल्थ बिमा करेंगे पर किया तो अब तक नहीं |

दलितों से कहा था कि 50000 तक के बकाया कर्ज माफ करेंगे, बेघर दलितों के लिए घर, हर दलित परिवार में एक नौकरी, स्नातक तक मुफ्त शिक्षा, दलित कन्याओं को किसी भी स्तर तक मुफ्त शिक्षा, सभी निजी शिक्षण संस्थाओं में 10 प्रतिशत कोटा आरक्षित करना ताकि इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और मेडिकल कॉलेज में मुफ्त शिक्षा, 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली, शगुन योजना के तहत प्रदान की जानी वाली राशि को 51000, समय सीमा में रिक्त सरकारी पदों को भरना, निगम, ट्रस्ट बोर्डों में चेयरमैन, वाइस चेयरमैन आदि में दलितों के आरक्षण देंगे पर किया तो अब तक नहीं |

युवाओं से कहा था कि स्मार्ट फोन देंगे, हर घर में एक युवा को नौकरी और जब तक नौकरी नहीं तब तक 2500 रुपए प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता, पर किया तो अब तक नहीं |

महिलाओं से कहा था कि सरकारी नौकरियों में 33 प्रतिशत आरक्षण देंगे, घरेलू हिंसा की शिकार होती महिलाओं के लिए हर जिले में सहायता केन्द्र खोलेंगे जहां मेडीकल सहायता के साथ कानूनी सहायता भी उपलब्ध रहेगी, पर किया तो अब तक नहीं |

बुजुर्गों, विधवाओं, दिव्यांगों से कहा था कि पेंशन को बढ़ाकर 1500 रुपए प्रतिमाह करेंगे पर किया तो अब तक नहीं|

उद्योग के लिए कहा था कि अगले पांच साल के लिए मौजूदा तथा नए उद्योगों के लिए बिजली 5 रुपये प्रति यूनिट पांच साल के लिए करेंगे पर किया तो अब तक नहीं | वैसे पांच साल में से दस महीने तो निकल ही चुके हैं |

नीले कार्ड धारकों को कहा था कि आटा-दाल स्कीम के साथ चीनी व् चायपत्ती मिलेगी किया तो अब तक नहीं |

कर्मचारियों को कहा था कि बकाया डी.ए. दूंगा, छेवें पे कमीशन को लागु करूँगा, एडहॉक तथा ठेके पर रखे मुलाजिमों को पक्का करूँगा, मंजूरशुदा पोस्टों पर रेगुलर सालाना भर्ती करूँगा पर किया तो अब तक नहीं |

नशा एक महीने में ख़तम करने कि कसम खाई थी और नशा अब तक धड़ल्ले से बिक रहा है यह हम नहीं कह रहे कांग्रेस के आपने विधायक कह रहे हैं |